गुरुपूर्णिमा पर्व : २७ जुलाई
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गुरुपूर्णिमा पर्व : २७ जुलाई

शिष्य का परम मंगल करनेवाले महापर्व की आप सभी को खूब-खूब बधाइयाँ

 जो हरि हैं वे व्यास हैं,जो व्यास हैं वे ही तो हरि हैं। जो मेरे लीलाशाह प्रभु हैं वे ही ब्रह्म हैं। जो ब्रह्म हैं वे लीलाशाह प्रभु ही तो हैं । अपने सद्गुरु के लिए जिस शिष्य के हृदय में भगवद्भाव,ब्रह्मभाव है,समझ लो उसका जीवन सफल है । 
           -पूज्य बापूजी 
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