श्रीमद् भगवद् गीताʹ पर महापुरुषों के उदगार
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श्रीमद् भगवद् गीताʹ पर महापुरुषों के उदगार

गीता, गंगा और गाय को महत्त्व देने से ही देश का सर्वांगीण विकास होगा। ये तीनों भारत की संस्कृति के प्रतीक हैं। 
- पूज्य संत श्री आशारामजी बापू 

💠भगवान श्री कृष्ण की कही हुई भगवद्गीता के समान छोटे वपु (काया,शरीर) में इतना विपुल ज्ञानपूर्ण कोई दूसरा ग्रंथ नहीं है। 
- महामना पं. मदनमोहन मालवीय

💠गीता (के ज्ञान) से मैं शोक में भी मुस्कराने लगता हूँ।
           -महात्मा गाँधी

💠गीता हमारे ग्रंथों में एक अत्यन्त तेजस्वी और निर्मल हीरा है।
      - लोकमान्य तिलक

💠मैं नित्य प्रातः काल अपने हृदय और बुद्धि को गीतारूपी पवित्र जल में स्नान करवाता हूँ। 
      - महात्मा थोरो

 💠 भारतीय लोगों को अपनी पुरानी परंपरा की ओर लौटना चाहिए और बच्चों को शुरुआती उम्र से ही महाभारत और भगवत गीता पढ़ाने पढ़ाई जानी चाहिए।

     - सुप्रीम कोर्ट के जज
           ए आर दवे

✍🏻श्रीमद भगवद गीता के उदगार बच्चों को सुनाएँ और उन्हें नियमित गीता पढ़ने के लिए प्रेरित कीजिए।
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