जीव और परमात्मा
Next Article मकर संक्रांति का महत्त्व और लाभ
Previous Article ॐ कार का अर्थ एवं महत्त्व

जीव और परमात्मा

जीव और परमात्मा के बीच केवल अहं की कड़ी दीवार ही खड़ी है। दोनों के बीच और कोई दूरी नहीं है। जब अहंकार खड़ा होता है तो परमात्मा छिप जाता है। अहंकार खो जाता है तो जीव परमात्मा हो जाता है। #Bapuji
Next Article मकर संक्रांति का महत्त्व और लाभ
Previous Article ॐ कार का अर्थ एवं महत्त्व
Print
898 Rate this article:
3.0

Please login or register to post comments.

RSS
1345678910Last