क्या भगवान श्री राम का कैकयी के प्रति मातृ-प्रेम था
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क्या भगवान श्री राम का कैकयी के प्रति मातृ-प्रेम था

भगवान श्री राम के वनगमन के समय राजा दशरथ ने कैकेयी से कह दिया था कि "मैं पुत्र सहित तेरा त्याग करता हूं।'

 श्री रामजी के लंका-विजय के पश्चात जब दशरथ जी स्वर्ग से श्री राम जी को आशीर्वाद देने के लिए आए,तब उन्होंने रावण के वध पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा : "राम में तुम पर बहुत प्रसन्न हूँ। अब तुम भाइयों सहित राज्य करो एवं दीर्घायु को प्राप्त हो।"

 इस प्रकार जब राजा दशरथ जी प्रसन्न हो गए तब राम जी ने उनसे वरदान मांगा कि "आपने जो माता कैकयी से कहा था कि मैं पुत्रसहित तेरा त्याग करता हूँ अपना वह घोर शाप आप वापस ले लें ।"
दशरथ जी बोले :"राम! तुम धन्य हो।"

भगवान राम को जिनकी वजह से 14 वर्ष वनवास जाना पड़ा,उनके प्रति भी भगवान राम का प्रेम कितना अद्भुत था।

📚ऋषि प्रसाद : सितम्बर २०१५
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