आध्यात्मिक होली के रंग रंगें
Next Article प्रह्लाद हो जीवन का आदर्श
Previous Article उड़ जाए कच्चे रंग,आत्मरंग में रँग जायें

आध्यात्मिक होली के रंग रंगें

होली हुई तब जानिये, पिचकारी गुरुज्ञान की लगे ।
सब रंग कच्चे जाएँ उड़,एक रंग पक्के में रंगें ।।

पक्का रंग क्या है ? पक्का रंग है ‘हम आत्मा हैं' और हम दुःखी हैं, हम सुखी हैं,हम अमुक जाति के हैं... - यह सब कच्चा रंग है। यह मन पर लगता है लेकिन इसको जाननेवाले साक्षी चैतन्य का पक्का रंग है । एक बार उस रंग में रंग गये तो फिर विषयों का रंग जीव पर कतई नहीं चढ़ सकता । 

सर्वकल्याण की भावना व परमेश्वर में दृढ़ निष्ठा रखने से जीवन में अनेक बार मृत्यु के प्रसंग आने पर भी प्रह्लाद उनसे बच जाता था । यहाँ तक कि अग्नि द्वारा न जलाये जाने का वरदान प्राप्त करनेवाली होलिका ने उसे अग्नि में जलाने का यत्न किया पर सत्य एवं दृढ़ निष्ठा का प्रतिरूप वह भक्तराज बच गया और छल-कपट,ईर्ष्या,वैर आदि आसुरी वृत्तियों की प्रतीक होलिका जलकर राख हो गयी । तो आप भी काम,क्रोध,लोभ, मोह,ईर्ष्या आदि आसुरी सम्पदा के गुणों को जलाकर अपने जीवन में भगवत्प्रेम,धैर्य,सहिष्णुता, निर्भयता आदि दैवी सम्पदा के गुणों को भरिये और प्रह्लाद की नार्इं विघ्न-बाधाओं के बीच भी भगवद्-निष्ठा टिकाये रखते हुए भवसागर से पार हो जाइये । आपकी होली मंगलमय होली हो जाय...

💢होली का पावन संदेश
          -पूज्य बापूजी

यह होली का त्यौहार हास्य-विनोद करके छुपे हुए आनंद-स्वभाव को जगाने के लिए है । जो हो गया - हो... ली... बीत गया सो बीत गया । उससे द्वेष मत करो,राग मत करो,उसका ज्यादा चिंतन मत करो । बीत गया न,भूतकाल है । भविष्य का भय मत करो । वर्तमान में कहीं फँसो नहीं,आसक्ति करो नहीं । अपने दिल को प्रह्लाद की नार्इं रसमय बना दो । करोगे न हिम्मत ! उठो, चल पड़ो आत्मसाक्षात्कार की ओर... 
संत-महापुरुष की शरण जाकर उनके साथ होली खेलो । उनके रंग में रंग जाओ तो तुम्हारी एक क्षण की होली भी तुम्हें महान एवं अमर बना देगी ।

💢विशेष : होली की रात्रि चार पुण्यप्रद महारात्रियों में आती है । होली की रात को जागरण व जप करने से मंत्र की सिद्धि होती है ।

Next Article प्रह्लाद हो जीवन का आदर्श
Previous Article उड़ जाए कच्चे रंग,आत्मरंग में रँग जायें
Print
1019 Rate this article:
No rating
Please login or register to post comments.
RSS
1345678910Last