कैसे करें नूतन वर्ष का स्वागत
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कैसे करें नूतन वर्ष का स्वागत

इस दिन नवरात्र घट-स्थापन व ध्वजारोहण,तैलाभ्यंग (शरीर में तेल लगाकर) स्नान,पाठ-पूजन आदि अनेक पुण्यदायी व शुभ कार्य किये जाते हैं । इनसे वर्षपर्यंत व्यापक शांति रहती है । मठ-मंदिरों,आश्रमों आदि धार्मिक स्थलों पर,घर-दुकान,गाँव-मुहल्लों तथा शहर के मुख्य प्रवेश द्वारों पर अशोक,आम,पीपल,नीम आदि के बंदनवार बाँध के तथा भगवा झंडा फहराकर नूतन वर्ष का स्वागत किया जाता है । हमारे ऋषि-मुनियों का कहना है कि बंदनवार के नीचे से जो गुजरता है उसकी ऋतु-परिवर्तन से संबंधित रोगों से रक्षा होती है । नूतन वर्ष के दिन सूर्योदय के समय भगवान सूर्यनारायण को अर्घ्य देकर व शंखध्वनि करके नूतन वर्ष का स्वागत करना चाहिए । बीते हुए वर्ष में जाने-अनजाने जो गलतियाँ हो गयी हों उनके लिए ईश्वर से क्षमा-याचना करें एवं आनेवाले वर्ष में गलतियों से बचकर सन्मार्ग पर चलने, मनुष्य-जीवन के परम लक्ष्य परमात्मा को पाने का संकल्प लेना चाहिए । ‘नूतन वर्ष मंगलमय हो,आनंदमय हो। भारतीय संस्कृति तथा सद्गुरु व महापुरुषों के ज्ञान से सभीका जीवन उन्नत हो । 

- इस प्रकार एक-दूसरे को बधाई-संदेश देकर नूतन वर्ष का स्वागत करें ।
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