बाल संस्कार केन्द्र में कैसे मनाएं रक्षा बंधन
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बाल संस्कार केन्द्र में कैसे मनाएं रक्षा बंधन

रक्षाबंधन शुभ संकल्प करने का दिन है । इस पर्व पर शुभ भावों के विकास हेतु सबसे पहले केन्द्र में आये बच्चों से गुरुदेव का मानसिक पूजन करवायें । बच्चों को सुखासन में आँखें बंद करके बिठायें । मन-ही-मन इस प्रकार भावना करने को कहें : ‘हम गुरुदेव के श्रीचरण धो रहे हैं... जल से उनके पादारविंदों को स्नान करा रहे हैं । श्रीचरणों को प्यार करते हुए उनको नहला रहे हैं... गुरुदेव के तेजोमय ललाट पर शुद्ध चंदन का तिलक लगा रहे हैं... अक्षत चढ़ा रहे हैं... अपने हाथों से बनायी हुई गुलाब के सुंदर फूलों की सुहावनी माला अर्पित करके अपना हृदय पवित्र कर रहे हैं... हाथ जोड़कर सिर झुका के अपना अहंकार उनको समर्पित कर रहे हैं... गुरुदेव मंद-मंद मुस्कुराते हुए हमें देख रहे हैं... प्रेम भरी निगाहों से कृपा बरसा रहे हैं...सभी से संकल्प करायें कि ‘हमारे पूज्य बापूजी स्वस्थ रहें... हमारे गुरुदेव दीर्घायु हों,चिरंजीवी हों... ॐ... ॐ... ॐ... । फिर सभी बच्चे पूज्य बापूजी के श्रीविग्रह को राखी बाँधें ।
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