कर सेवा, मिले मेवा
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कर सेवा, मिले मेवा


पिछडे हुए क्षेत्रों में जाकर वहाँ के लोगों को शिक्षा देना तथा संतों व संस्कृती के प्रति जागरूक करना चाहिए ।   

* अस्पतालों में जाकर मरीजों की सेवा करनी चाहिए । करो सेवा, मिले मेवा।

* अपनी दिव्य सनातन संस्कृति के विकास हेतु भरपूर प्रयास करना चाहिए।

* प्राचीन ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों में जाकर अपने विवेक-विचार को बढाना चाहिए ।

* छुट्टीयों में बच्चें गौ-सेवा का लाभ भी ले सकते है ।

* प्याऊ सेवा का आयोजन करें ।

* सफाई अभियान चलायें ।

* गरीब बच्चों में फल व प्रसाद वितरण करें ।

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