तुम्हारी अंधी उदारता तुम्हें ही मुबारक
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तुम्हारी अंधी उदारता तुम्हें ही मुबारक

पूज्य संत श्री आशारामजी बापू के सत्संग प्रवचन से

गुरु-सन्देश : आपके हृदय में धर्म के प्रति जितनी सच्चाई है,ईश्वर के प्रति जितनी वफादारी है,उतनी ही आपकी सच्ची,अध्यात्मिक उन्नति होगी ।

जापान का एक लड़का था । वह स्कूल से घर जा रहा था । रास्ते में एक येन (जापानी मुद्रा) का सिक्का उसे मिला,लगभग ५० पैसे समझो यहाँ के । वह पुलिस थाने में गया,बोला : "मुझे रास्ते में यह येन मिला है । कृपया आप जमा कर लीजिये और जिसका है उसको खबर कर दीजिये ।"

पुलिस निरीक्षक ने सोचा,"अब एक येन जमा करो,जिसका है उसे खबर करो....कौन झंझट में पड़े !"
बोला :"तुम्हारी ईमानदारी पर हम खुश हुए,जाओ,यह तुम खर्चना।"

वह लड़का घर आया । माँ को बोला :"मुझे रास्ते में किसी का गिरा हुआ एक येन मिला और मैने पुलिस थाने में जमा कराना चाहा लेकिन पुलिसवाले ने मुझे वह इनाम में दिया है ।"

माई ने पुलिस मुख्य निरीक्षक को फोन किया कि "मेरा बेटा किसी की गिरी हुई वस्तु उस तक पहुँचाने की करता है और थाना नम्बर सो एंड सो (इतना-इतना)... फलानी जगह पर मेरे लड़के ने वह येन जमा कराना चाहा लेकिन आलस्य के कारण और अंधी उदारता के कारण वहाँ के पुलिस निरीक्षक ने मेरे बेटे को ही वह खर्चने में शाबाशी में दे दिया है,तो बताओ ऐसा करोगे तो देश कैसे चलेगा ? क्या तुम उसको पनिशमेंट(सजा) दे सकते हो कि मै और आगे फोन लगाऊँ ?"

पुलिस निरीक्षक ने निरीक्षक से पूछताछ की तो उसने भूल छुपाकर सफाई ठोकी,तब वे बोले :"यदि आपको इनाम देना था तो अपनी जेब से देना चाहिए था । वास्तव में आपने इस बालक को अनुचित पाठ पढ़ाया है इसलिए आपको नौकरी से बर्खास्त किया जाता है । साथ ही बच्चे और उसकी माँ का हम बहुमान करते हैं,खूब-खूब आदर करते हैं । ऐसे लोग ही चाहिए देश की उन्नति के लिए !"

सीख :"जो व्यवहार में तत्पर नहीं है और अपना कर्तव्य नहीं पालता है वह पलायनवादी आदमी तो बोझा है,वह जहाँ भी जायेगा सिर खपायेगा ।"
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