क्षमा-प्रार्थना करके रात्रि को सोयें
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क्षमा-प्रार्थना करके रात्रि को सोयें

रात्रि को सोते समय और सुबह उठने के बाद अनामिका उँगली से आज्ञाचक्र (भ्रूमध्य) पर रगड़ के 3 मिनट ॐ गुरु, ॐ गुरु.... जप करें और गुरु का ध्यान, गुरु से सम्पर्क करें, फिर शशकासन में दोनों हाथ जोड़कर मन-ही-मन क्षमा प्रार्थना करें- 'हे प्रभु! हे गुरुदेव!! आज जो अच्छे कर्म हुए हैं वे आपकी करूणा-कृपा से हुए हैं। जो बुरे कर्म हुए हैं वे मेरी बेवकूफी, नादानी से हुए है। अब ऐसी कृपा करना कि अच्छे कर्म ही हों, बुरे कर्म न हों। मैं जैसा-तैसा हूँ, आपका हूँ। फिर एक हाथ अपने इष्टदेव या सदगुरु का और एक हाथ अपना मानकर जोर से मिलाओ और मन में बोलो- 'बिन फेरे, हम तेरे....'' 
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