EasyDNNNews

साधकों ने है बाँधी
Next Article शुभ संकल्पों का पर्व रक्षाबंधन
Previous Article आध्यात्मिक दृष्टि से रक्षाबंधन

साधकों ने है बाँधी

साधकों ने है बाँधी प्रेम की डोरी सदगुरु आयेंगे ।
हम सबकी लगी है प्रीत की डोरी कि सदगुरु आयेंगे ।।
अपना बनाते दरपे बुलाते गिरते हुओं को उठाते हैं ।
मेरे सद्गुरु हैं इतने महान कि रखते हैं सबका ध्यान ।।
(१) गहरा पावन दुर्लभ सत्संग सबको सहज में सुनाते हैं गुरुवर ।
नाम की दौलत मोक्ष की कुंजि हम सबको दे देते हैं गुरुवर ।
सबसे निराले सबको सँभालें हम सबके रखवाले हैं । मेरे सदगुरु हैं..... ।। टेक ।।
(२) धन दौलत और मान-बडाई इनका मोह छुडाते हैं गुरुवर ।
भीतर का सुख आनंद शांति अंतर घट में दिलाते हैं गुरुवर ।
तन भी है तेरा मन भी है तेरा तु ही केवल हमारे हो । मेरे सदगुरु हैं..... ।। टेक ।।
(३) द्वार पे इनके जो भी आता खाली नहीं लौटाते हैं गुरुवर ।
झोली भरते दुःख भी हरतें दाता सभी के कहाते हैं गुरुवर ।
विघ्न विनाशी सब ओर वासी तु ही जग से न्यारे हो । मेरे सदगुरु हैं..... ।। टेक ।।
Next Article शुभ संकल्पों का पर्व रक्षाबंधन
Previous Article आध्यात्मिक दृष्टि से रक्षाबंधन
Print
8690 Rate this article:
No rating
Please login or register to post comments.

EasyDNNNews

RSS

बाह्य शक्ति से बड़ा है संकल्पबल

शुभ संकल्पों का प्रतिक रक्षा सूत्र

Significance of Raksha Bandhan