विवेक जागृति प्रसंग

विवेक जागृति प्रसंग

आप बगीचे में घूमने गये थे, वहाँ कॉन्वेंट स्कूल में पढ़नेवाला एक दूसरा बच्चा भी आया था । आपके सीधे सादे कपड़ों व चाल-चलन का देखकर वह खूब अंग्रेजी बोलने लगा । उसे लगा उसकी अंग्रेजी सुनकर आप उससे प्रभावित हो जायेंगे और उसकी खुशामदखोरी करेंगे । मगर आप पर तो उसका कोई असर नहीं हुआ । इससे उसके अहंकार को ठेस लगी । 

आपको निश्चिंत देखकर उसने आपको नीचा दिखाने की दूसरी तरकीब सोचकर बोला : ‘‘जाओ, मेरे लिए कुर्सी और ठंडी आइसक्रीम लेकर आओ।उसके इस तरह से ऑर्डर करने पर भी आपने कुछ बुरा नहीं माना और उसके हित की बात कहते हुए कहा : ‘‘दोस्त ! लगता है तुम कभी किसी ‘बाल संस्कार केन्द्र' में नहीं गये हो इसलिए तुम्हें पता नहीं कि आइसक्रीम खाने से पाचनशक्ति कमजोर होती है जिससे कई प्रकार के रोग पैदा होते हैं और-तो-और उसमें जानवरों की चर्बी भी होती है, उस पर कैमिकलवाले कलर, फ्लेवर, छी... छी... छी... ! और रही बात कुर्सी की तो तुम खुद भी उठा सकते हो । 

इतने में तुरंत ही वहाँ एक बूढ़े काका हाँफते हुए आये । आपने देखते ही तुरंत उनको कुर्सी लाकर उस पर बिठाया और मटके से पानी भरकर पिलाया, उनको तुरंत आराम मिला । वे आपके सिर पर हाथ फेरकर आपको आशीर्वाद देने लगे ।
 इतने में वह लड़का आपके पास आकर कहने लगा : ‘‘तूने उनको कुर्सी दी फिर मुझे क्यों नहीं दी ? 
आपने कहा : ‘‘उन बूढ़े काका की सेवा करने के लिए मैंने ये किया पर अपने या और किसी के अहंकार को पोसने के लिए मैं कुछ नहीं करूँगा । तब उसे अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने कहा : ‘‘आज से मैं कभी भी दिखावा नहीं करूँगा और तुम्हारे साथ बाल संस्कार केन्द्र में जाकर ऐसी अच्छी बातें सीखूँगा ।"    

 🏚गृहकार्य : निडर रहने के फायदे और डरने से क्या नुकसान होते हैं,यह आपको अपनी ‘बाल संस्कार नोटबुक' में लिखकर आना है ।

       🤹🏻‍♀गतिविधि🤹‍♂ 
ऐसा क्या-क्या है भारत देश में जो देख विदेशी भी लालायित होते हैं ?
{जैसे : भारत के मंदिर, तीर्थस्थान, संत, सत्संग, आयुर्वेद, खादी के कपड़े, देशी गाय का दूध-घी आदि पहले बच्चों से पूछें ।}

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