Stories Search

स्वस्थ रहना है तो बैठकर ही भोजन करें

स्वस्थ रहना है तो बैठकर ही भोजन करें

🌹 बैठकर (या पंगत में)भोजन करने से लाभ 🌹

(१)इसे 'दैवी भोजन पद्धति' कहा जाता है।

(२)इसमें पैर,पेट व आँतों की उचित स्थिति होने से उन पर तनाव नहीं पड़ता।

 (३)इससे जठराग्नि प्रदीप्त होती है,अन्न का पाचन सुलभता से होता है ।

(४) हृदय पर भार नहीं पड़ता।

(५)आयुर्वेद के अनुसार भोजन करते समय पैर ठंडे रहने चाहिए ।इससे जठराग्नि प्रदीप्त होने में मदद मिलती है । इसलिए हमारे देश में भोजन करने से पहले हाथ पैर धोने की परम्परा है।

(६)पंगत में एक परोसनेवाला होता है,जिससे व्यक्ति अपनी जरूरत के अनुसार भोजन लेता है। उचित मात्रा में भोजन लेने से व्यक्ति स्वस्थ रहता है व भोजन का भी अपमान नहीं होता।

(७)भोजन परोसनेवाले अलग-अलग होते हैं जिससे भोजन पात्रों को झूठे हाथ नहीं लगते। भोजन तो पवित्र रहता ही है साथ ही खाने-खिलानेवाले दोनों का मन आनंदित रहता है।

(८)शांतिपूर्वक पंगत में बैठकर भोजन करने से मन में शांति बनी रहती है,थकान-उबान भी महसूस नहीं होती।
Previous Article खड़े होकर भोजन करना है राक्षसी भोजन पद्धति
Next Article कैसे करें नूतन वर्ष का स्वागत
Print
701 Rate this article:
No rating
Please login or register to post comments.
RSS