Stories Search

मेधावी बुद्धि,प्रतिभा के लिए गोझरण है अमृत

मेधावी बुद्धि,प्रतिभा के लिए गोझरण है अमृत

गोझरण स्मरणशक्ति और तीव्र बुद्धि हेतु अद्भुत रसायन है । जब लेखन-कला का संशोधन नहीं हुआ था तब हमारे पूर्वज पीढ़ी-दर-पीढ़ी अनेक ग्रंथों का ज्ञान विरासत के रूप में अपनी संतानों को कंठस्थ कराते थे । वे पूरे ग्रंथ कंठस्थ कर लेते थे। दो ग्रंथों को स्मरण में रखने वाले को द्विवेदी,तीन ग्रंथों को याद
रखनेवाले को त्रिवेदी तथा चार ग्रंथों को याद रखनेवाले को चतुर्वेदी कहा जाता था । 

ग्रंथ अर्थात् वेद..... जिसमें हजारों श्लोक हैं ऐसे चार-चार वेदों को याद रखनेवाले लाखों विद्वान हमारे देश में थे । इसका कारण यह था कि वे अखंड ब्रह्मचर्य का पालन करते थे ।गोझरण, गोदुग्ध,गौघृत आदि का सेवन उन्हें सहायभूत होता था।

बच्चों को यदि आप मेधावी और प्रचंड बुद्धि शक्तिवाले व विद्वान बनाना चाहते हैं तो नियमित रूप से उन्हें देशी गाय का दूध पिलायें व देशी गाय के घृत का सेवन करायें । आवश्यकतानुसार गोझरण पिलायें ।

गोझरण मस्तिष्क के कोषों और ज्ञान तंतुओं को सक्रिय करता है,पुष्ट बनाता है । इससे स्मरणशक्ति बढ़ती है ।

📚लोक कल्याण सेतु / 2002/ 62
Previous Article भगवान ही याद रहें
Next Article संत तुलसीदासजी की जयंती
Print
171 Rate this article:
3.0
Please login or register to post comments.