विज्ञान नतमस्तक
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विज्ञान नतमस्तक

आधुनिक विज्ञान भी तुलसी पर शोध कर इसकी महिमा के आगे नतमस्तक है । आधुनिक रसायनशास्त्रियों के अनुसार ‘तुलसी में रोग के कीटाणुओं का नाश करने की विशिष्ट शक्ति है ।' रोग-निवारण की दृष्टि से तुलसी महौषधि है, अमृत है । आज मानव-जाति जिन रोगों से ग्रस्त है, उनमें से अनेकानेक रोगों को तुलसी के द्वारा सरलतापूर्वक दूर किया जा सकता है । जो व्यक्ति प्रतिदिन तुलसी के पाँच पत्ते खाते हैं वे अनेक प्रकार के रोगों से सुरक्षित रहते हैं । 

अतः विष्णुप्रिया तुलसी हर घर में होनी चाहिए । सभी लोग संकल्प लें कि ‘२५ दिसम्बर को तुलसीजी की पूजा करके उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करेंगे । ' और इससे लाभ हमें ही होगा ।

सं. : लोकसे - २२१

वैज्ञानिक तथ्य

* डिफेन्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (ऊठऊज) के वैज्ञानिकों द्वारा किये गये अनुसंधानों से यह सिद्ध हुआ है कि ‘तुलसी में एंटी ऑक्सीडंट गुणधर्म है और वह आण्विक विकिरणों से क्षतिग्रस्त कोशों को स्वस्थ बना देती है । कुछ रोगों एवं जहरीले द्रव्यों, विकिरणों तथा धूम्रपान के कारण जो कोशों को हानि पहुँचानेवाले रसायन शरीर में उत्पन्न होते हैं, उनको तुलसी नष्ट कर देती है ।'

* तिरुपति के एस.वी. विश्वविद्यालय में किये गये एक अध्ययन के अनुसार ‘तुलसी का पौधा उच्छ्वास में ओजोन वायु छोड़ता है, जो विशेष स्फूर्तिप्रद है ।'

* आभामंडल नापने के यंत्र ‘यूनिवर्सल स्केनरङ्क के माध्यम से तकनीकी विशेषज्ञ श्री के.एम. जैन द्वारा किये गये परीक्षणों से यह बात सामने आयी कि ‘यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन तुलसी या देशी गाय की परिक्रमा करे तो उसके शरीर में धनात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है, जिससे शरीर पर रोगों के आक्रमण की सम्भावना भी काफी कम हो जाती है । यदि कोई व्यक्ति तुलसी के पौधे की ९ बार परिक्रमा करे तो उसके आभामंडल के प्रभाव-क्षेत्र में ३ मीटर की आश्चर्यकारक ब‹ढोतरी होती है ।'



 

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