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जन्मदिवस की बधाई हो, 

पृथ्वी सुखदायी हो, 

जन्मदिवस की बधाई हो,

जल सुखदायी हो, 

जन्मदिवस की बधाई हो, 

अग्नि सुखदायी हो, 

जन्मदिवस की बधाई हो, 

वायु सुखदायी हो, 

जन्मदिवस की बधाई हो, 

आकाश सुखदायी हो, 

जन्मदिवस की बधाई हो, 

माता सुखदायी हो, 

जन्मदिवस की बधाई हो, 

पिता सुखदायी हो, 

जन्मदिवस की बधाई हो, 

गुरु सुखदायी हो, 

जन्मदिवस की बधाई हो, 

बधाई हो बधाई, 

जन्मदिवस की बधाई हो !!


जन्मदिन कैसे मनाएँ ? -पूज्य बापूजी

जन्मदिवस कैसे मनायें

Celebrate Vedic Birthday - Precious Gift Wishes

जन्मदिवस पर बच्चे बडे-बुजुर्गों को प्रणाम करें, उनका आशीर्वाद पायें । बच्चे संकल्प करें कि आनेवाले वर्षों में पढाई, साधना, सत्कर्म आदि में सच्चाई और ईमानदारी से आगे बढकर अपने माता-पिता व देश का गौरव बढायेंगे ।

जन्मदिवस के दिन बच्चा ‘केक’ पर लगी मोमबत्तियाँ जलाकर फिर फूँक मारकर बुझा देता है । जरा सोचिये, हम कैसी उलटी गंगा बहा रहे हैं ! जहाँ दीये जलने चाहिए वहाँ बुझा रहे हैं ! जहाँ शुद्ध चीज खानी चाहिए वहाँ फूँक मारकर उडे हुए थूक से जूठे, जीवाणुओं से दूषित हुए ‘केक' को बडे चाव से खा-खिला रहे हैं ! हमें चाहिए कि हम अपने बच्चों को उनके जन्मदिवस पर भारतीय संस्कार व पद्धति के अनुसार ही कार्य करना सिखायें ताकि इन मासूमों को हम अंग्रेज न बनाकर सम्माननीय भारतीय नागरिक बनायें । यह शरीर, जिसका जन्मदिवस मनाना है, पंचभूतों से बना है जिनके अलग-अलग रंग हैं । पृथ्वी का पीला, जल का सफेद, अग्नि का लाल, वायु का हरा व आकाश का नीला । थोडे-से चावल हल्दी, कुंकुम आदि उपरोक्त पाँच रंग के द्रव्यों से रँग लें । फिर उनसे स्वस्तिक बनायें और जितने वर्ष पूरे हुए हों, मान लो ४, उतने छोटे दीये स्वस्तिक पर रख दें तथा ५वें वर्ष की शुरुआत के प्रतीक रूप में एक बडा दीया स्वस्तिक के मध्य में रखें । फिर घर के सदस्यों से सब दीये जलवायें तथा बडा दीया कुटुम्ब के श्रेष्ठ, ऊँची समझवाले, भक्तिभाववाले व्यक्ति से जलवायें । इसके बाद जिसका जन्मदिवस है, उसे सभी उपस्थित लोग शुभकामनाएँ दें । फिर आरती व प्रार्थना करें । अभिभावक एवं बच्चे ध्यान दें - * पार्टियों में फालतू का खर्च करने के बजाय बच्चों के हाथों से गरीबों में, अनाथालयों में भोजन, वस्त्र इत्यादि का वितरण करवाकर अपने धन को सत्कर्म में लगाने के सुसंस्कार डालें । * लोगों से चीज-वस्तुएँ (गिफ्ट्स) लेने के बजाय अपने बच्चे को गरीबों को दान करना सिखायें ताकि उसमें लेने की नहीं अपितु देने की सुवृत्ति विकसित हो ।

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भारतीय संस्कृति तुम अपनाओ, जन्मदिवस तुम ऐसा मनाओ । 

'हैप्पी बर्थ-डे' भूल ही जाओ,जन्मदिवस बधाई कहो-कहलवाओ ।।

सुबह ब्राह्ममुहूर्त में जागो, मात-पिता-प्रभु पाँवों लागो ।

 सभी बडों के चरण छूना, केक का नाम भूल ही जाना ।।

अपने सोये मन को जगाओ, अपना जीवन उन्नत बनाओ ।

भारतीय संस्कृति तुम अपनाओ, जन्मदिवस तुम ऐसा मनाओ । 

जन्मदिवस को दीये जलाना, नहीं चाहिए ज्योति बुझाना ।

 दीपज्योति से जीवन जगमगाना, ना इसको तम में ले जाना ।।

वेदों की ये शिक्षा पा लो, ज्ञान-सुधा से मन महकाओ । 

भारतीय संस्कृति तुम अपनाओ, जन्मदिवस तुम ऐसा मनाओ । 

आज तुम अन्न-प्रसाद बाँटना, दीन-गरीबों में दान भी देना । 

गये साल का हिसाब लगाना, नये साल की उमंगें जगाना ।।

बापू कहते सदा खुश रहो, यही आशीष है प्रभु-सुख पाओ । 

भारतीय संस्कृति तुम अपनाओ, जन्मदिवस तुम ऐसा मनाओ ।